अयोध्या । राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण से पहले सारी विघ्न बाधा समाप्त करने के लिए जन्मभूमि परिसर में बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत भगवान शशांक शेखर का रुद्राभिषेक हुआ। रामनगरी के संतों के साथ रुद्राभिषेक का नेतृत्व राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष मणिरामदास छावनी के महन्त नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने किया। राम जन्मभूमि परिसर में यह पहला मौका है, जब 28 वर्षों के बाद किसी तरह का धार्मिक अनुष्ठान किया गया।

यह मंदिर और शिवलिंग मौजूदा समय में अत्यधिक जीर्णशीर्ण अवस्था में है। राम मंदिर निर्माण में किसी भी तरह की और बाधा आगे उत्पन्न न हो और निर्माण कार्य निर्बाध रूप से चलता रहे। इसी को लेकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। बुधवार को राम जन्मभूमि परिसर में पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित कुबेर टीला पर प्रातः शिव की आराधना करके रुद्राभिषेक अनुष्ठान ढाई घंटे से ज्यादा समय तक चला। रुद्राभिषेक की पूर्णाहुति दोपहर में की गई। कुबेर टीला पर स्थित शशांक शेखर के मंदिर में अभिषेक करने के बाद महंत कमल नयन दास ने कहा कि कुबेर टीला पर भगवान शिव स्थापित हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र हो अखंड, सभी रहे सुखी और प्रसन्न, कोरोना वायरस जल्द दूर हो, भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनकर जल्द तैयार हो, इसी कामना के साथ रुद्राभिषेक किया है।

राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण शुरू होने के विषय पर उन्होंने बताया कि राम जन्म भूमि में अंदर कोई भी निर्माण कार्य नहीं शुरू हुआ। केवल शिव की आराधना के लिए हम परिसर में आए थे। उन्होंने कहा कि पूर्व के दिनों में हम रामलला के दर्शन करने के लिए गए थे। कुबेर टीला पर भगवान शिव जी दिखाई पड़े। पुराना मंदिर जीर्णशीर्ण अवस्था में गिरा हुआ है। हमारी इच्छा हुई भगवान शिव जी का अभिषेक किया जाए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना के बिना और उनको प्रसन्न किए बिना इच्छित फल की प्राप्त नहीं होती है। करोड़ों तप और पूजा की जाए, लेकिन जब तक भगवान शिवजी की आराधना नहीं की जाती है, तब तक फल की प्राप्ति नहीं होती।

प्रधानमंत्री कर सकते हैं मंदिर निर्माण का शिलान्यास
महंत कमल नयन दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि अभी समय निश्चित नहीं हुआ है। शीघ्र ही समय निश्चित होगा और उन्हें शिलान्यास के लिए आमंत्रित किया जाएगा। दिल्ली में प्रवास कर रहे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अयोध्या में मंदिर निर्माण की गतिविधियों की जानकारी देंगे और शिलान्यास के लिए आमंत्रित भी करेंगे जिसकी संभावित तिथि 2 जुलाई रखी गई है। राम जन्मभूमि परिसर में 11 मई से हो रहे समतलीकरण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। गत 8 जून को रामकोट स्थित राम कचहरी चारों धाम में ट्रस्ट का कार्यालय भी खोला गया है। यहीं से मंदिर निर्माण की गतिविधियों को संचालित किया जाएगा।