वॉशिंगटन । कोरोना संकटकाल में अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीति जोरों पर है। इस बीच ताजा सर्वे के अनुसार रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रतिद्वंदी और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने पिछड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। अगर यह अंतर चुनाव तक बना रहता हैं,तब ट्रंप को हार का भी सामना करना पड़ सकता है। एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में राष्ट्रपति ट्रंप प्रतिद्वंदी जो बाइडेन से 15 अंकों से पीछे चल रहे हैं। सर्वेक्षण में रजिस्टर्ड वोटर्स में से 52 फीसदी लोगों ने बाइडेन के समर्थन की बात कही। वहीं केवल 33 फीसदी मतदाताओं ने ही ट्रंप को समर्थन देने की बात कही। अमेरिका के चुनाव में अर्थव्यवस्था के बाद चीन भी बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है।
एक और सर्वे में ट्रंप पिछड़े
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हुए सर्वेक्षण में जो बाइडेन अपने प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप से आगे निकलते दिखाई दे रहे हैं।सर्वे में बाइडेन को 51 फीसदी लोगों ने अपना समर्थन दिया, जबकि, ट्रंप को 40 फीसदी लोगों का समर्थन मिला। माना जा रहा है कि अर्थव्यवस्था को लेकर वोटर ट्रंप के काम से नाराज हैं।
अमेरिकी चुनाव में चीन तीसरा सबसे बड़ा मुद्दा
विज्ञापनों की समीक्षा करने वाले जानकार के अनुसार, अमेरिकी चुनाव में दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे का टक्कर होगी। राष्ट्रपति चुनाव में अर्थव्यवस्था और कोरोना से निपटने के कदमों के साथ ही चीन तीसरा सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा है। दोनों प्रतिद्वंदी चीन को लेकर कड़े तेवर दिखा रहे हैं। इसे लेकर दोनों के चुनाव प्रबंधन समिति ने कई विज्ञापन भी जारी किए हैं।
चीन के खिलाफ सख्त दिख रहे ट्रंप और बाइडेन
ट्रंप के चुनावी अभियान प्रबंधकों ने इस तरह के विज्ञापन निकाले हैं,इसमें बाइडेन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आवभगत में लगे हैं। वहीं, दूसरी तरफ बाइडेन के चुनावी अभियान की ओर से ट्रंप को कोरोना को हल्के में लेकर महामारी के बारे में पारदर्शी रहने को लेकर जिनपिंग की सराहना करते हुए दिखाया गया है। जबकि, यह स्पष्ट है कि चीन ने महामारी के बारे में दुनिया के सामने विवरण देर से साझा किए।