बाराबंकी. अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है जब बाराबंकी (Barabanki) में अवैध शराब (Illicit Liquor) की वजह से भीषण जनहानि हुई थी. जिस तरह से जिला प्रशासन ने कार्यवाई शुरू की थी उससे यह उम्मीद जगी थी कि अवैध शराब के कारोबारियों का बोरिया बिस्तर बंध जाएगा. मगर ऐसा हुआ नहीं. हादसे के कुछ ही समय बाद से फिर यह धन्धा फलने फूलने लगा और जिले का आबकारी विभाग और पुलिस इसे मूकदर्शक बन कर देखता रहा. मूकदर्शक बनने का सबसे बड़ी बानगी यह है कि थाने से कुछ ही दूरी पर यह अवैध कारोबार सरकारी ठेके से फल फूल रहा था. सोमवार को उपजिलाधिकारी ने छापा मारकर इस इस मामले का भंडाफोड़ कर दिया.

ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
बाराबंकी की तहसील सिरौलीगौसपुर के थाना टिकैतनगर के नजदीक एक ऐसे मामले का भंडाफोड़ हो गया. जिसको लेकर शायद पुलिस और आबकारी विभाग गम्भीर नहीं था. थाने से कुछ ही दूरी पर एक सरकारी शराब की दुकान से बेची जा रही अवैध शराब को उपजिलाधिकारी ने अचानक छापा मारकर पकड़ लिया. उपजिलाधिकारी के साथ राजस्व और पुलिस की टीम भी थी. इस सरकारी शराब के ठेके से और ठेकेदार के घर से 5 पेटी अवैध शराब को जब्त कर उपजिलाधिकारी ने ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करवा दिया.

पांच पेटी अवैध शराब बरामद
इस मामले में सिरौलीगौसपुर के उपजिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर वह अवैध शराब की बिक्री के विरुद्ध जांच करने गए थे और यहां एक सरकारी शराब की दुकान को चेक किया गया. साथ ही ठेकेदार के घर से 5 पेटी अवैध शराब को बरामद किया गया. इसके बाद सुसंगत धाराओं में ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है और आबकारी विभाग को सूचित किया गया है. मौके पर जिला आबकारी अधिकारी मौजूद रहे. उपजिलाधिकारी ने कहा कि जिलाधिकारी का आदेश है कि इस अभियान को आगे भी चलाते रहना है और किसी भी दशा में अवैध शराब की बिक्री नही होने देना है.