इंदौर. सांवेर सीट पर होने वाले उपचुनाव (MP by Election) के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने कमर कस ली है. बीजेपी (BJP) जहां चुनावी चौपाल के जरिए जनता तक पहुंच रही है, तो वहीं कांग्रेस (Congress) घर-घऱ जाकर संपर्क में जुटी हुई है. दोनों दल चुनावी चौपाल भी लगा रहे हैं. इसी क्रम में सांवेर सीट के उपचुनाव के प्रचार के लिए बीजेपी के सांसद और एक अन्य नेता घोड़े पर चढ़कर लोगों से वोट मांगने पहुंचे. बीेजेपी नेताओं का यह अंदाज देख लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं.दरअसल, बीजेपी के चुनाव चौपाल अभियान के तहत आज सांवेर के खजुरिया गांव में बैठक होनी थी. इसमें शामिल होने के लिए पार्टी के जिलाध्यक्ष और सांसद अलग अंदाज में पहुंचे. बीजेपी जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर दू्ल्हा बनकर घोड़े पर बैठे दिखाई दिए तो सांसद शंकर लालवानी भी घोड़े पर सवार होकर चौपाल में पहुंचे. इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीट पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के लिए ये नेता अनोखे अंदाज में वोट मांगने पहुंचे थे. सांवरे के खजुरिया गांव में अपने नेताओं की इस स्टाइलिश प्रचार को बीजेपी ने फेसबुक पर भी लाइव किया.बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा का कहना है कि उनके नेताओं को गांव वालों ने घोड़े पर सवार कराया. इसका संदेश यही है कि बीजेपी की सैन्य टुकड़ी मैदान में उतर चुकी है. ये बीजेपी का घुड़सवार दस्ता है, जो तुलसी सिलावट को जिताने के लिए ही चुनावी रण में उतरा है.

बीजेपी की बारात वापस लौटाएगी जनता 
इधर, कांग्रेस ने बीजेपी के नेताओं के घोड़े पर सवार होने को लेकर तंज कसा है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमीनुल खान सूरी ने कहा कि जिस तरह से बीजेपी के सांसद और जिलाध्यक्ष घोड़े पर सवार होकर चुनाव प्रचार पर निकले हैं, उससे ये बात सच साबित हो रही है कि सरकार लड़ेगी चुनाव और जनता लड़ेगी कोरोना से. इंदौर में रोज 100 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज निकल रहे हैं, लेकिन बीजेपी को सिर्फ सत्ता दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि सांसद शंकर लालवानी, जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर और तुलसी सिलावट एक बात जान लें, आप कितना भी घोड़ी पर बैठकर सांवेर की जनता के पास चले जाइए, जनता आपकी बारात को लौटा देगी, क्योंकि वो समझदार है. जनता यह जानती है कि किस तरह बीजेपी ने उसके मत के साथ विश्वासघात किया है.

बीजेपी का चुनाव चौपाल का फार्मूला
सांवेर उपचुनाव में मंत्री तुलसीराम सिलावट को जिताने के लिए बीजेपी ने चुनावी चौपाल का फॉर्मूला तैयार किया है. पार्टी की रणनीति है कि आचार संहिता लगने से पहले एक बार सभी प्रमुख गांवों में एंट्री हो जाए. मंत्री की मौजूदगी में सारा सरकारी अमला साथ चल रहा है. चौपाल के दौरान सिलावट गांव के प्रमुखों से समस्या पूछ रहे हैं और तुरंत निदान करने के लिए अफसरों को निर्देश दे रहे हैं, ताकि आचार संहिता लगने से पहले सारे काम हो जाएं. इस बात पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है.