भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) अपने सभी मंत्रियों के साथ वन टु वन चर्चा कर रहे हैं. मंत्रियों (Ministers) के साथ वन टु वन चर्चा के दूसरे दिन भी मुख्यमंत्री ने दिन भर अपने मंत्रियों के साथ एक-एक कर मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने न केवल मंत्रियों से उनके विभागों का रोड मैप जाना बल्कि उन्हें यह भी बताया कि उनके विभागों की प्राथमिकताएं क्या होनी चाहिए. आपको बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में यह साफ किया था कि वह 2 दिन तक मंत्रियों से वन टु वन चर्चा करेंगे. उन्होंने जुलाई का पूरा वक्त मंत्रियों को अपने विभाग को समझने और उनके टारगेट फिक्स करने के लिए दिया है और यह कहा है कि अगस्त से वह सभी विभागों की समीक्षा खुद करेंगे.

आइए आपको बताते हैं कि आखिरकार गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कौन-कौन से मंत्रियों की क्लास ली और उन्हें क्या-क्या होमवर्क दिया. 

ओम प्रकाश सकलेचा, मंत्री, लघु सूक्ष्म मध्यम उद्यम विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग -प्रदेश में सिंगल सिटीजन डेटाबेस तैयार करना -प्रदेश में सभी नागरिकों उद्योगों को दी जा रही सेवाओं के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करना -उद्योग केंद्र की व्यवस्थाओं को विश्वस्तरीय बनाना -साइबर सिक्योरिटी की रणनीति बनाना -एमएसएमई के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज की समीक्षा -आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग ब्लॉक, चेन जैसी नई तकनीकों का प्रयोग

विश्वास सारंग, मंत्री, चिकित्सा शिक्षा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग -मेडिकल कॉलेजों की अधोसंरचनाओं एवं सेवाओं को उच्च स्तर पर बनाए रखना और इन्हें और बेहतर करना
गिरराज दंडोतिया, राज्य मंत्री, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग -मंडी अधिनियम के संशोधित प्रावधानों को लागू करना -बीमा योजना का एंड टू एंड कंप्यूटराइजेशन-मोटे अनाज फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना -FPOs को बढ़ावा देना -मार्केट लिंकेज स्थापित करना

डॉ. प्रभुराम चौधरी, मंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग -जिला स्तर के अस्पतालों व सेवाओं को उच्च स्तर पर बनाए रखना, बेहतर करना -Public Health एवं Health Care की अलग-अलग रणनीति बनाना

महेंद्र सिंह सिसोदिया, मंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग -मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन-जल संरक्षण कार्यों का क्रियान्वयन -महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार के अवसर -मनरेगा के माध्यम से टिकाऊ अधोसंरचना का विकास -पीएमजीएसवाय की सड़कों का संधारण, समय पर कार्य पूर्ण करना

प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्री, ऊर्जा विभाग -आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत 2% अतिरिक्त राजकोषीय घाटा जुटाने हेतु सुधार -विद्युत बिलों में दी गई छूट उपभोक्ताओं तक पहुंचे, इसकी लगातार समीक्षा करना -बिजली सब्सिडी सही व्यक्ति को मिले इसकी रणनीति बनाना -बिजली आपूर्ति 24x7 (घरेलू व व्यावसायिक) तथा 10 घंटे (कृषि क्षेत्र) रहे

हरदीप सिंह डंग, मंत्री, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण -सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार प्रगति -पर्यावरणीय स्वीकृति की व्यवस्था की लगातार समीक्षा

राजवर्धन सिंह प्रेम सिंह दत्तीगांव, मंत्री, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन -ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के स्तर में सुधार केलिए रणनीति -प्रदेश में निवेश आमंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास -सिंगल विंडो का सही मायने में क्रियान्वयन -अनुमतियों की प्रक्रिया का सरलीकरण एवं कम्प्यूटराईजेशन -औद्योगिक केंद्रों की व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाना

भारत सिंह कुशवाहा, राज्यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार), नर्मदा घाटी विकास विभाग -प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का विस्तार-एफपीओ (कृषक उत्पादक समूहों) को बढ़ावा देना -2024 तक एनवीडीए/नर्मदा जल आधारित परियोजनाओं को पूरा करने पर रणनीति -उद्यानिकी फसलों के लिए मार्केट लिंकेज स्थापित किये जाने के प्रयास

इंदर सिंह परमार, राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) -स्कूली शिक्षा में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार की रणनीति।-ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्कूल स्थापित करना एवं बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए अच्छी परिवहन व्यवस्था -हाईस्कूल /हायरसेकेंड्री स्कूलों की अधोसंरचना में सुधार

प्रेम सिंह पटेल, मंत्री, पशुपालन विभाग, सामाजिक न्याय विभाग -गोशालाओं के संचालन की रणनीति तैयार करना।-पशुपालन से किसानों की आय कैसे बढ़े इसकी रणनीति बनाना -दुग्ध उत्पादक कृषकों को केसीसी प्रदान करना -सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण की लगातार समीक्षा करना -दिव्यांगों की विशेष आवश्यकताओं के लिए सीएसआर (कंपनियों का सीएसआर मद) से प्रदेश में विश्वस्तरीय केंद्र स्थापित करना

मोहन यादव, मंत्री (उच्च शिक्षा) -प्रदेश में कम से कम एक विश्वविद्यालय और 5 महाविद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर की प्रथम 100 संस्थाओं में लाने की रणनीति

बृजेन्द्र सिंह यादव, राज्य मंत्री , लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग -जल जीवन मिशन को लागू करना/योजनाएं स्वीकृत कराना -समूह ग्रामीण नल जल योजना (जल निगम) की योजनाओं का क्रियान्वयन - सुरक्षित/स्वच्छ पेयजल घर-घर में उपलब्ध हो इसकी रणनीति बनाना (जल जीवन मिशन)

रामखेलावन पटेल, राज्य मंत्री, (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), विमुक्त घुमक्कड एवं अदर्धघुमक्क्ड जनजाति कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग) -पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्तियों के वितरण की समीक्षा करना-मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन -जल संरक्षण कार्यों का क्रियान्वयन -महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार के अवसर -मनरेगा के माध्यम से टिकाऊ अधोसंरचना का विकास -पीएमजीएसवाई की सड़कों का सुधार। समय पर कार्य पूर्ण करना

रामकिशोर कांवरे, राज्यमंत्री, आयुष (स्वतंत्र प्रभार) जल संसाधन -आयुष अस्पताल की व्यवस्था में सुधार -आयुष के इलाजों को घर घर तक पहुंचाने की रणनीति

सुरेश धाकड, राज्यमंत्री (लोक निर्माण विभाग) -सड़कों का विश्वस्तरीय संधारण, निर्माण -चंबल एक्सप्रेस वे परियोजना की लगातार समीक्षा -भवन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता /समयसीमा में पूर्ण किया जाकर लगातार समीक्षा -निजी क्षेत्र के सहयोग से बड़ी परियोजनाओं की परिकल्पना करना -सड़क निर्माण कार्यों की लगातार समीक्षा