भोपाल.शिवराज (shivraj singh chauhan) के नवगठित मंत्रिमंडल में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश (madhya pradesh)  के नये गृह मंत्री होंगे. कोरोना संक्रमण से जूझ रहे मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा भी उन्हें ही सौंपा गया है.

शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी है. नरोत्तम मिश्रा को गृह और स्वास्थ्य विभाग दिया गया है. जबकि तुलसी सिलावट अब प्रदेश के जल संसाधन मंत्री होंगें. कमलनाथ सरकार में वो स्वास्थ्य मंत्रालय संभाल रहे थे. कमल पटेल को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गयी है.इससे पहले सचिन यादव कांग्रेस सरकार में ये मंत्रालय देख रहे थे. गोविंद राजपूत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बनाए गए हैं. इससे पहले कमलनाथ सरकार में ये मंत्रालय सिंधिया के खास और ग्वालियर से विधायक रहे प्रद्युम्न सिंह के पास था. शिवराज केबिनेट की एक मात्र महिला सदस्य मीना सिंह को आदिम जाति कल्याण मंत्री बनाया गया है.

मंत्रालय से पहले संभागों की दी थी ज़िम्मेदारी
इससे पहले मंगलवार को मंत्रिमंडल गठन के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों को मंत्रालय के बजाए संभागों का प्रभार सौंपा था.नरोत्तम मिश्रा को भोपाल और उज्जैन संभाग दिए गए हैं. जबकि तुलसी सिलावट इंदौर और सागर संभाग देखेंगे. कमल पटेल को जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग की जिम्मेदारी दी गयी है. गोविंद राजपूत ग्वालियर और चंबल संभाग के हालात पर रखेंगे नज़र. मंत्रिमंडल की अन्य सदस्य मीना सिंह के जिम्मे रीवा और शहडोल संभाग रहेगा. प्रदेश में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिहाज से मंत्रियों के बीच विभागों के बजाए संभागों का बंटवारा किया गया है.

कांग्रेस ने उठाए थे सवाल

शिवराज मंत्रिमंडल (shivraj cabinet) के करीब महीने भर बाद हुए गठन पर कांग्रेस (congress) ने चुटकी ली थी. पूर्व सीएम कमलनाथ ने सवाल उठाया था कि महीने भर बाद भी बीजेपी सिर्फ 5 मंत्री ही बना पायी और अपने कद्दावर नेताओं को बाहर रखकर दलबदलुओं को तरजीह दी गयी. कमलनाथ ने कहा आगे-आगे देखिए कितने दिन सरकार चला पाते हैं. एक महीने बाद मंत्रिमंडल का गठन वो भी सिर्फ़ 5 मंत्री और विभाग का बंंटवारा नहीं ? इसी से समझा जा सकता है कि भाजपा में कितना अंतर्द्वंद चल रहा है, कितना आंतरिक संघर्ष चल रहा है.

मंगलवार को बना मिनी मंत्रिमंडल
23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले शिवराज सिंह चौहान ने लगभग एक महीने बाद मंगलवार को अपने मिनी मंत्रिमंडल का गठन किया. इसमें पांच मंत्रियों को जगह दी गयी है. इनमें से दो ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्री हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के कांग्रेस से बागी होने के बाद प्रदेश में कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी थी. सिंधिया और उनकी टीम के बीजेपी में जाने के बाद पार्टी सत्ता में आयी. 23 मार्च को जब शिवराज ने चौथी बार प्रदेश की सत्ता संभाली उस वक्त तक मध्य प्रदेश कोरोना आपदा से घिर चुका था. ऐसे हालात में मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो पाया था. तब से शिवराज अकेले ही प्रदेश की कमान संभाले हुए थे.