नई दिल्ली. हमारा देश इस वक्त कोरोनावायरस के संकट से जूझ रहा है. देशव्यापी लोक डाउन के करण अर्थव्यवस्था अपने निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है. एग्रीकल्चर देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर है. खेती से जुड़े कृषको की हालत भी खराब है. इस सब को मद्देनजर रखते हुए मोदी सरकार किसानों के हित में नई योजनाएं लेकर आई हैं.

इस लॉकडाउन की अवधि में किसान क्रेडिट कार्ड योजना यानी KCC जरूरतमंद किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है. इस वक्त किसान क्रेडिट कार्ड जरूरतमंद किसानों को बड़ी राहत प्रदान कर रहा है. इस योजना में किसान 1 लाख 60 हजार रुपए तक का लोन बिना किसी गारंटी के ले सकते हैं.

केसीसी के तहत किसान 3 वर्षों में 5 लाख तक का कृषि ऋण ले सकते हैं. जिसमें न्यूनतम ब्याज दर 4 फीसद प्रतिवर्ष देनी होगी. इसके अलावा आरबीआई ने 7 करोड़ किसानों को बड़ी राहत देते हुए किसान क्रेडिट कार्ड से लिए गए कृषि ऋण के भुगतान की तिथि को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया है. जो कि मोदी सरकार का किसानों के कल्याण हेतु उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है.

“सभी किसानों को मिलेगा क्रेडिट कार्ड”
इस लोक डाउन के बीच सरकार ने 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने का फैसला किया है जो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से जुड़े हुए हैं. क्रेडिट कार्ड लोन के लिए ब्याज की दर बहुत ही कम रखी गई है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक राहत पैकेज के तहत बताया कि सरकार किसानों को 2 लाख करोड रुपए वितरित करने जा रही है. किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है. अब किसान क्रेडिट कार्ड जरूरत के समय में किसानों को आवश्यक घरेलू खर्चों को भी पूरा करने में भी मददगार साबित हो रहा है.

किसान क्रेडिट कार्ड योजना छोटे लोन के लिए किसानों को लोन प्रदान करती है जैसे फसलों से संबंधित खाद बीज उर्वरक आदि खरीदने के लिए लेकिन सरकार ने किसानों को घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए इसका कुछ हिस्सा इस्तेमाल करने के लिए कहा है.

“क्रेडिट कार्ड से कैसे मिलेगा लाभ”
सरकार द्वारा दी गई छूट के कारण 6 महीने के बाद भी किसान केवल 4 फीसद की पुरानी दर पर किसान क्रेडिट कार्ड के ब्याज का भुगतान कर सकता है. देशभर में व्याप्त कोरोना वायरस के कारण आए लॉकडाउन में किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है.

“घरेलू जरूरतें भी होंगी पूरी”
भारतीय रिजर्व बैंक ने जानकारी दी है कि किसान अपनी घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर सकते हैं. कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए सरकार ने किसानों को घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए 10 प्रतिशत ऋण का उपयोग करने की अनुमति दे दी है.

किसान घरेलू आवश्यकताओं के लिए क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 10% अल्पकालिक सीमा का उपयोग कर सकते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक ने शिक्षा (किसानों के लिए) अनुभाग के तहत इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर यह सूचना उपलब्ध करवाई है.

देश भर में व्याप्त कोरोनावायरस के कारण लगाए गए लोक डाउन में हमारी अर्थव्यवस्था को भी में ब्रेक लग गए हैं. हर क्षेत्र में आर्थिक सुस्ती छाई हुई है. इस संकट से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए मोदी सरकार किसानों के लिए अपनी दूरदर्शिता से कल्याणकारी योजनाएं बना रही है.

इन्हीं योजनाओं में किसान क्रेडिट कार्ड योजना अत्यंत महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना है. किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को ऐसे समय में धन उपलब्ध करवाया जाता है जब उसको खाद बीज एवं उर्वरक खरीदने के लिए पैसे की बहुत अधिक आवश्यकता होती है. यह योजना किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है.