प्रयागराज. पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जल स्तर बढ़ना शुरू हो गया है. संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में भी गंगा (Ganga) और यमुना (Yamuna) दोनों नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है. संगम (Sangam) में बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए घाटों पर रहने वाले तीर्थ पुरोहितों, नाविकों और आने वाले श्रद्धालुओं को भी अलर्ट कर दिया गया है. संगम पर जलस्तर बढ़ने से संगम का एरिया लगातार सिकुड़ता जा रहा है, जिससे घाटिये, तीर्थपुरोहित और दुकानदार भी सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ रहे हैं.

जल पुलिस तैनात, चौबीस घंटे मॉनीटरिंग

बाढ़ को देखते हुए संगम में जल पुलिस को भी तैनात कर दिया गया है. इसके साथ ही गंगा और यमुना नदियों के बढ़ रहे जल स्तर पर सिंचाई विभाग की ओर से बनाये गए बाढ़ नियन्त्रण कक्ष से चौबीस घंटे मॉनीटरिंग की जा रही है. हालांकि गंगा और यमुना दोनों ही नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं लेकिन 24 घंटे में गंगा और यमुना नदी का जल स्तर 10 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है.

डेंजर लेवल से अभी नीचे हैं गंगा और यमुना

संगम में गंगा और यमुना दोनों ही नदियों का डेंजर लेवल 84.734 मीटर है. गुरुवार को गंगा नदी का जलस्तर फाफामऊ में 78.07 मीटर और छतनाग में 73.60 मीटर रिकार्ड किया गया है, जबकि यमुना नदी का जल स्तर नैनी में 74.17 मीटर रिकार्ड किया गया है.

ये है जलस्तर बढ़ने का कारण

गौरतलब है कि उत्तराखंड में हो रही बारिश और टिहरी व नरौरा बाधों से पानी छोड़े जाने से गंगा नदी का जल स्तर बढ़ रहा है, जबकि यमुना नदी का जल स्तर केन, बेतवा और चम्बल नदियों का पानी छोड़े जाने से बढ़ रहा है. संगम के घाट पर बैठने वाले तीर्थ पुरोहित बनारसी गुरु के मुताबिक बीते एक पखवाड़े से संगम का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है. उनके मुताबिक जुलाई से अगस्त तक संगम का जल स्तर इसी तरह से बढ़ता है और गंगा मईया बड़े हनुमान जी को स्नान कराने के लिए मंदिर के गर्भ गृह तक पहुंचती हैं. हालांकि कोरोना के चलते संगम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी कमी आई है. श्रद्धालुओं को भी बढ़ रहे जल स्तर को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है.

सुरक्षित स्थान पर जा रहे संगम से जुड़े लोग

गंगा और यमुना के लगातार विकराल हो रहे स्वरूप को लेकर संगम से जुड़े सभी लोग पूरी तरह से अलर्ट हैं और नदियों का जल स्तर बढ़ने के साथ ही सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं. तीर्थ पुरोहित बनारसी गुरु के मुताबिक लॉकडाउन में गंगा और यमुना नदियां निर्मल और अविरल हुई हैं और ऐसी कामना है कि इन नदियों का स्वरूप इसी तरह से आगे भी बना रहे.

बाढ़ नियन्त्रण कक्ष में तैनात जेई प्रदीप कुमार के मुताबिक प्रयागराज में अभी बाढ़ के कोई हालात नहीं हैं. इसके बावजूद सिंचाई विभाग नदियों के बढ़ रहे जल स्तर पर पूरी तरह से नजर बनाये हुए है.