भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा है कि उन्हें आईसीसी अध्यक्ष बनने की कोई जल्दी नहीं है। शशांक मनोहर के इस्तीफे के बाद आईसीसी अध्यक्षपद के लिए गांगुली भी एक दावेदार माने जा रहे हैं हालांकि गांगुली का कहना है कि अभी उन्हें आईसीसी चेयरमैन नहीं बनना है। गांगुली ने कहा कि आईसीसी अध्यक्ष के रूप में उनका भविष्य पूरी तरह से बीसीसीआई पर निर्भर करता है। गांगुली ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि यह सही है या नहीं कि मुझे इस हालात में बीसीसीआई को बीच में ही छोड़ने की इजाजत नहीं होगी। मैं किसी प्रकार की जल्दी में नहीं हूं। मैं अभी युवा हूं और आप इस काम को हमेशा नहीं करते रह सकते हैं। ये मानद नौकरियां हैं जो आप अपने जीवनकाल में एक बार करते हैं।'
गांगुली ने कहा, 'जब खेल की बात आती है, तो मैं इसे दूसरों की तुलना में थोड़ा अधिक जानूंगा, क्योंकि मैंने अपना जीवन खेल में बिताया है। हम आईसीसी या एसीसी में जाते हैं। आप अपने बोर्ड का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए फैसला सभी को करना होगा।' गांगुली को अक्टूबर 2019 में बीसीसीआई का अध्यक्ष बनाया गया था, इसके मुताबिक 31 जुलाई को गांगुली का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसके बाद वह बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक 'कूलिंग ऑफ पीरियड' पर चले जाएंगे। बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति राज्य क्रिकेट संघ या बीसीसीआई में लगातार 6 साल तक किसी भी पद पर बना रहता है, तो उसे 3 साल के अनिवार्य 'कूलिंग ऑफ पीरियड' पर जाना होगा।