नई दिल्ली। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मेक इन इंडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि विज्ञापन और प्रचार को छोड़कर निर्यात, उत्पादन और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों में लगातार गिरावट हो रही है। येचुरी ने मेक इन इंडिया के तहत निर्मित सेमी हाईस्पीड रेलगाड़ी ट्रेन 18 में तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए कहा कि कृषि विकास दर में कमी, विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट, रोजगार वृद्धि दर में गिरावट और आय सहित उन सभी क्षेत्रों में गिरावट आयी है जो भारतीयों के लिए अहम हैं। बढ़ोतरी, सिर्फ मोदी के भाषण जनित जुमलों और विज्ञापन बजट में ही हो रही है।
माकपा महासचिव येचुरी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट ‎किया कि मोदी सरकार की अन्य योजनाओं की तरह मेक इन इंडिया भी जुमला और प्रचार का माध्यम साबित हुयी है। पांच साल में निवेश, रोजगार और निर्यात सहित सभी क्षेत्रों में गिरावट आयी है। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि इस सरकार के 12 शीर्ष कारोबारी दोस्तों’ को सरकारी खजाने से जो धनराशि दी गई है वह माफ किये गये कृषि ऋण के दोगुने से अधिक है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अभी भी अपने दोस्तों का तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज माफ कर उन्हें जनता का पैसा लूटने की छूट देकर खुश है। वहीं अभूतपूर्व संकटों का सामना कर रहे किसानों के लिये सरकार के पास करने को कुछ भी नहीं है। येचुरी ने कहा कि भारतीयों को बांटने वाली ऐसी राजनीतिक विचारधारा, जो एक भारतीय को दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दे, सही मायने में देश विरोधी है। हम सब जानते हैं कि हमारे देश में इस विचारधारा के पोषक और नेता कौन लोग हैं।