आगामी लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा ने एक साथ चुनाव लड़ने का एलान किया है। आज सोमवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच एक घंटे से ज्यादा बातचीत चली। लंबी चली बातचीत के सकारात्मक परिणाम निकल कर आए।

दोनों दलों के बीच हुई बातचीत के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि हमारे बीच मतभेद है, लेकिन दोनों दलों(भाजपा-शिवसेना) के विचार एक हैं। अब मतभेद भुलाकर साथ आने का वक्त है। देवेंद्र फणनवीस ने कहा कि भाजपा और शिवसेना विधानसभा और लोकसभा चुनाव साथ लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी दलों का एक होना जरूरी है। भाजपा-शिवसेना का रिश्ता बहुत पुराना है।  सीटों का एलान करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि शिवसेना 23 और भाजपा 25 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। वहीं विधानसभा चुनाव में दोनों दल बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। 
अमित शाह ने शिवसेना की तारीफ की

लोकसभा चुनाव 2019 में साथ चुनाव लड़ने के एलान के बाद अमित शाह ने कहा कि दोनों पार्टी के कार्यकर्ता शुरू से साथ चुनाव लड़ना चाह रहे थे। जनका का भी यही मन था कि दोनों में फूट न पड़े। उन्होंने कहा कि शिवसेना और अकाली दल भाजपा के सबसे पुराने साथी हैं। शाह ने कहा दोनों दलों के बीच जो भी मनमुटाव थे वे अब खत्म हो गए हैं। दोनों ही दलों ने भाजपा का हर समय साथ दिया है। अब दोनों दल एक साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। दोनों पार्टियां एक विचारधारा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और महाराष्ट्र में एक जीत का आंकड़ा हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों दलों का गठबंधन महाराष्ट्र में 45 सीट जीतेगा। शाह ने कहा कि मैं उद्धव ठाकरे का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने सारे मनमुटाव भुलाकर साथ चुनाव लड़ने का मन बनाया है।

ऐसा रहा भाजपा-शिवसेना गठबंधन का अभी तक का सियासी सफर

* 1989 में दोनों पार्टियों में पहली बार गठबंधन हुआ 

* 1995 में महाराष्ट्र में पहली बार सरकार बनाई

* केंद्र की अटल सरकार में भी शिवसेना गठबंधन में रही

* 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गठबंधन टूटा

* हालांकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद दोनों फिर साथ आए