अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अनुसार 2020-21 आईलीग सत्र का आयोजन विदेशी खिलाड़ियों के बिना भी हो सकता है। एआईएफएफ के अनुसार यात्रा संबंधी पाबंदियों के कारण इस बार शायद ही विदेशी खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा लें। इसका कारण यह है कि कोरोना महामारी के कारण मार्च से ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हैं। एआईएफएफ महासचिव कुशाल दास ने कहा, ‘‘लीग का आयोजन जरूर होना चाहिए फिर चाहे यह विदेशी खिलाड़ियों के बिना ही हो पर इसके लिए लीग में सभी की आमराय होना जरुरी है।’’ दास ने कहा कि सीनियर राष्ट्रीय टीम के पास अगले पांच साल में मुख्य कोच के रूप में एक भारतीय होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम अगले पांच साल में सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए एक भारतीय कोच तलाश रहे हैं।’’दास ने कहा, ‘‘अब काफी कोच मौजूद हैं, बिबियानो फर्नांडिस वैंकी शानमुगम आदि।’’
पूर्व भारतीय खिलाड़ी वेंकटेश अभी सीनियर राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच इगोर स्टिमक के सहायक की भूमिका निभा रहे हैं जबकि बिबियानो अंडर-16 टीम के कोच हैं। दास ने कहा, ‘‘ हम 10-12 कोचों के दल को नीदरलैंड और जर्मनी भेजने की योजना भी बना रहे हैं। यह इस साल से शुरू होना था पर अब अगले साल से होगा।’’दास ने कहा कि कोरोना महामारी के हालातों को देखते हुए इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) अब गोवा में भी हो सकता है। कोलकाता को आईलीग के सभी मैचों की मेजबानी दी जा सकती है क्योंकि महिला अंडर-17 विश्व कप के लिए नवीनीकरण के कार्य के कारण सॉल्ट लेक स्टेडियम में आईएसएल का आयोजन नहीं हो सकता। आईएसएल में मोहन बागान और एटीके के विलय की सराहना करते हुए दास ने उम्मीद जताई कि ईस्ट बंगाल भी जल्द ही फ्रेंचाइजी आधारित इस प्रतियोगिता से जुड़ेगा। उन्होंने साथ ही भरोसा जताया कि भारत जल्द ही युवा विश्व कप के लिए अपने बल पर क्वालीफाई करेगा।