उदयपुर. पाकिस्तान (Pakistan) से भारत (India) में एक बार फिर प्रवेश कर चुका टिड्डियों (locusts) का दल राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर (Udaipur) में किसानों (Farmers) की फसलों को तबाह कर रहा है. सीमावर्ती क्षेत्रों में इन टिड्डियों में किसानों को जमकर नुकसान भी पहुंचाया है. आज टिड्डी दल उदयपुर के कोटडा कस्बे तक पहुंच गया जहां फसलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. उदयपुर के झाडोल विधानसभा के कोटडा में पाकिस्तान से जोधपुर होता हुआ यह दल उदयपुर पहुंचा. कोटड़ा के आसमान में टिड्डी दल ने जैसे ही डेरा डाला किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें छा गई, लेकिन मेहनतकश किसानों ने हिम्मत नहीं हारी और टिड्डियों को भगाने के हर संभव प्रयास में जुट गए.किसानों ने टिड्डी दल को भगाने के लिए कहीं आग लगाई तो कहीं खेतों में ढोल और थाली बजाकर कोशिश की. कोटडा में टिड्डी दल ने किसानों की मूंग व सब्जी की फसल को मामूली नुकसान पहुंचाया. टिड्डी दल द्वारा अचानक किए गए इस हमले से किसानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, जिससे वे अपने क्षेत्रों में काफी हद तक फसलों को सुरक्षित रखने में सफल हो पाए.

एकजुट हुए किसान
टिड्डी दल को भगाने के लिए सभी किसान एकजुट हो गए और अपने-अपने क्षेत्रों में ढोल और थाली की आवाज करने लगे. किसानों का यह प्रयास काफी हद तक सफल भी रहा और यही वजह है कि टिड्डी दल उदयपुर में किसी भी एक जगह पर पड़ाव नहीं डाल सका. सूचना मिलने पर झाड़ोल विधायक बाबूलाल खराड़ी भी मौके पर पहुंचे और किसानों की फसलों के बारे में जानकारी ली.


अफसरों को दी जानकारी
कोटडा इलाके में टिड्डी दल को जब पड़ाव नहीं डालने दिया गया तो यहां से फुलवारी की नाल वन रेंज के खेतों को नुकसान पहुंचाते हुए झाडोल पंचायत समिति के रोइमला, ओडा और थोड़ावाड़ा गांव की तरफ पहुंचा. वहां भी किसानों ने थालियां और ढोल बजाकर उन्हें भगाने का प्रयास किया. स्थानीय पटवारियों ने टिड्डी दल के मार्ग और किसानों को हुए नुकसान की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी है.