कानपुर |  विकास दुबे के मारे जाने के बाद अब उसकी मदद करने वाले और उसके सहयोगी रहे लोगों पर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ ने विकास दुबे से उज्जैन से कानपुर के सफर के बीच में लंबी पूछताछ की। विकास को इस बता का अंदेशा नहीं था कि रास्ते में कोई दुर्घटना हो सकती है इसलिए वह भी एसटीएफ को कई बातें बताता गया। सूत्रों के मुताबिक, विकास ने इस दौरान अपने कई राज खोले। हालांकि अभी इस बारे में कोई भी आधिकारिक रुप से कहने से बच रहा है। 

वहीं दूसरी ओर विकास के एनकाउंटर के बाद सीएम योगी की तरफ से घटनाक्रम को लेकर पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। उन्होंने इस काम की जिम्मेदारी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार को सौंपी है। सूत्रों के मुतबिक, सीएम यह जानना चाहते हैं कि उज्जैन से कानपुर के बीच में विकास ने पुलिसवालों को क्या जानकारियां दीं। साथ ही उज्जैन में उसने किसके-किसके नाम बताए हैं। 

जिनके नाम बताए उनकी खैर नहीं
विकास ने जिन लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं। उन्हें लेकर भी लखनऊ से रणनीति तय की जाएगी। उनके खिलाफ क्या सबूत होंगे और उन्हें कैसे इकट्ठा किया जाएगा। इस बारे में उच्च अधिकारी भी चर्चा करेंगे। इन लोगों के खिलाफ भी कानूनी शिकंजे को मजबूत किया जाएगा। मजिस्ट्रेटी जांच से भी कई बातें सामने आएंगी।

विकास की बेनामी सम्पत्ति पता लगाएगा प्रशासन 
विकास दुबे की सभी सम्पत्तियों को लेकर एडीएम भू अध्याप्ति को जांच सौंपी गई है। इनमें से कितनी बेनामी सम्पत्ति है उसे प्राथमिकता से देखा जाएगा। सबूत मिलने के साथ ही सरकार उन सभी सम्पत्तियों को जब्त करेगी।

विकास के परिवार और साथियों के खिलाफ ईडी मामला दर्ज करेगी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मारे गए अपराधी विकास दुबे के परिवार के सदस्यों और साथियों पर धनशोधन का मामला दर्ज करने की तैयारी में है। ईडी इन लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर संपत्ति अर्जित और अवैध लेन-देन मामले की जांच करेगी।

अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि लखनऊ में स्थित एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय ने छह जुलाई को इस संबंध में कानपुर पुलिस को पत्र लिखकर दुबे और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ दायर सभी मामलों की ताजा जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि ईडी जल्द ही उसके सहयोगियों और परिवार के सदस्यों द्वारा कथित रूप से किए गए अपराध की जांच के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शिकायत दर्ज करके यह पता लगाएगा कि क्या बाद में इस धन का उपयोग अवैध रूप से चल और अचल संपत्ति अर्जित करने लिए तो नहीं किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि आरोप है कि दुबे ने अपने और अपने परिवार के नाम पर खूब संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उससे लगे कुछ इलाकों में दुबे और उसके परिवार से जुड़ी दो दर्जन से अधिक नामी और बेनामी' संपत्तियां, बैंक में जमा राशि और सावधि जमा पर केंद्रीय जांच एजेंसी की नजर है। ईडी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से दुबे और अन्य लोगों की संभावित विदेशी संपत्ति के बारे में विवरण भी मांग रहा है, इसके अलावा विभिन्न बैंकों से खातों का विवरण भी मांगा जा रहा है।