भारत दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है, और शायद कुछ सालों में नंबर एक पर भी आ जाएगा क्योंकि भारत की जनसंख्या वृद्धि दर चीन से भी अधिक है। भारत में दुनिया के लगभग सभी धर्मों के लोग निवास करते हैं। इसी वजह से शायद यहां हर दिन कोई न कोई त्यौहार होता है, और कुछ दिन तो ऐसे होते हैं जब एक साथ एक से अधिक त्यौहार मनाए जाते हैं। साल 2020 का अंत नजदीक है और जल्द ही क्रिसमस (Christmas Day) भी आने वाला है। पूरी दुनिया में 25 दिसम्बर के दिन क्रिसमस मनाया जाता है। भारत में ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों के साथ अन्य धर्मों के लोग भी धूमधाम से क्रिसमस (Christmas Day) सेलिब्रेट करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिसमस क्यों मनाया जाता है (Why is Christmas Day on the 25th December) और इसके पीछे का इतिहास (History Of Christmas) क्या हैं?
इसाई धर्म की मान्यता के अनुसार ईश्वर ने एक बार ग्रेबीएल नाम का अपना एक दूत मैरी नाम की एक लड़की के पास भेजा। ग्रेबीएल ने मैरी को बताया कि वह ईश्वर के पुत्र को जन्म देगी। मैरी की शादी जोसफ नाम के एक व्यक्ति से हुई। जोसफ के सपने में भी ग्रेविएल आये और उन्होंने कहा कि मैरी ईश्वर के दूत को जन्म देगी और तुमने उनका खास ख्याल रखना है। मैरी जिस समय गर्भवती हुई, उस समय दोनों पति-पत्नी नाजरथ नाम की एक जगह पर रहा करते थे। एक बार किसी कारण से मैरी और जोसेफ बेथलहम में जाते हैं। लेकिन उस समय उन्हें किसी भी धर्मशाला और जगह पर शरण नहीं मिल पाई। आखिरकार उन्हें एक अस्तबल में जगह मिली और वही आधी रात को मैरी के गर्भ से प्रभु यीशु का जन्म हुआ। जिस दिन प्रभु यीशु का जन्म हुआ, वही दिन हर साल 25 दिसम्बर के दिन हम 'क्रिसमस डे' के रूप में मनाते हैं। इस दिन को प्रभु यीशु की जयंती भी कहा जा सकता है।
भारत दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है, और शायद कुछ सालों में नंबर एक पर भी आ जाएगा क्योंकि भारत की जनसंख्या वृद्धि दर चीन से भी अधिक है। भारत में दुनिया के लगभग सभी धर्मों के लोग निवास करते हैं। इसी वजह से शायद यहां हर दिन कोई न कोई त्यौहार होता है, और कुछ दिन तो ऐसे होते हैं जब एक साथ एक से अधिक त्यौहार मनाए जाते हैं। साल 2020 का अंत नजदीक है और जल्द ही क्रिसमस (Christmas Day) भी आने वाला है। पूरी दुनिया में 25 दिसम्बर के दिन क्रिसमस मनाया जाता है। भारत में ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों के साथ अन्य धर्मों के लोग भी धूमधाम से क्रिसमस (Christmas Day) सेलिब्रेट करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिसमस क्यों मनाया जाता है (Why is Christmas Day on the 25th December) और इसके पीछे का इतिहास (History Of Christmas) क्या हैं?
इसाई धर्म की मान्यता के अनुसार ईश्वर ने एक बार ग्रेबीएल नाम का अपना एक दूत मैरी नाम की एक लड़की के पास भेजा। ग्रेबीएल ने मैरी को बताया कि वह ईश्वर के पुत्र को जन्म देगी। मैरी की शादी जोसफ नाम के एक व्यक्ति से हुई। जोसफ के सपने में भी ग्रेविएल आये और उन्होंने कहा कि मैरी ईश्वर के दूत को जन्म देगी और तुमने उनका खास ख्याल रखना है। मैरी जिस समय गर्भवती हुई, उस समय दोनों पति-पत्नी नाजरथ नाम की एक जगह पर रहा करते थे। एक बार किसी कारण से मैरी और जोसेफ बेथलहम में जाते हैं। लेकिन उस समय उन्हें किसी भी धर्मशाला और जगह पर शरण नहीं मिल पाई। आखिरकार उन्हें एक अस्तबल में जगह मिली और वही आधी रात को मैरी के गर्भ से प्रभु यीशु का जन्म हुआ। जिस दिन प्रभु यीशु का जन्म हुआ, वही दिन हर साल 25 दिसम्बर के दिन हम 'क्रिसमस डे' के रूप में मनाते हैं। इस दिन को प्रभु यीशु की जयंती भी कहा जा सकता है।