हर साल श्रावण मास अमावस्या पड़ती है और इसका महत्व बहुत होता है। सावन में पड़ने की वजह से इस अमावस्या को श्रावणी अमावस्या भी कहा जाता है। सावन में हर तरफ हरियाली छा जाती है, इसलिए भी इसे हरियाली अमावस्या कहकर पुकारा जाता है। कुदरत का कमाल देखिए सावन के माह में प्रकृति की हर चीज बारिश में नहाकर एक दम चमक सी जाती है और नई-नई लगती है। इस समय प्रकृति का नजारा बहुत ही खूबसूरत सा हो जाता है और इसलिए यह समय प्रकृति को धन्यवाद कहने का होता है। और तो औप प्रकृति की दृष्टि से भी यह अमावस्या बहुत खास महत्व रखती है।

हरियाली अमावस्या 2020 क्यों मानी जा रही है खास

हरियाली अमावस्या सावन शिवरात्रि के ठीक दूसरे दिन पड़ती है और इस बार यह खास दिन 20 जुलाई, 2020 यानी कि सोमवार को पड़ रही है हरियाली अमावस्या । यही नहीं, इस बार अमावस्या और पूर्णिमा दोनों ही एक दिन पड़ रहे हैं और यह संयोग पूरे 47 वर्षों के बाद बन रहा है व साथ ही इस वर्ष हरियाली अमावस्या के दिन चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र और शनि सभी ग्रह अपनी-अपनी राशियों में ही रहेंगे । इस कारण कई राशियों पर इनका प्रभाव भी बहुत शुभ होगा।

हरियाली अमावस्या की पूजा-विधि :

इस दिन वृक्षों की पूजा का बहुत महत्व माना जाता है। कहते हैं कि इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा ज़रूर करना चाहिए और परिक्रमा भी। शास्त्रों की मानें तो पीपल के पेड़ की पूजा करने से आपको विशेष लाभ मिल सकती है व साथ ही आपकी हर परेशानियां आपसे कोसो दूर हो जाएगी।

वेद संसार आपको विस्तार से बताने जा रहा है कि क्या हैं वह खास उपाय :

• परेशानियों से अगर आप जुझ रहे हैं तो इससे छुटकारा पाने के लिए हरियाली अमावस्या के दिन याद से घर के पास के किसी नदी या फिर तालाब में जाकर मछली को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं व चीटियों को चीनी या सूखा आटा भी खिलाएं । जान लें कि सावन माह में चींटियों और मछलियों जैसे जीवों को कुछ खिलाना बहुत शुभ माना जाता है।

• सावन की अमावस्या के दिन किसी भी हनुमान मंदिर में जाए और हनुमान चालीसा का पाठ करें व साथ ही भगवान हनुमान को सिंदूर का चोला और चमेली का तेल भी चढ़ाए। याग रखें कि ऐसा करने से आपको अपनी परेशानियों से मुक्ति जल्द-से-जल्द मिल सकती है।

• हरियाली अमावस्या की शाम को घर के ईशान कोण में याद से घी का दीपक जलाएं । ऐसी मान्यता है कि घी का दीया जलाने से मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं और दरिद्रता नष्ट हो जाती है।

बताते चलें कि मां लक्ष्मी को आप जल्दी खुश करना चाहते हैं, तो रात में पूजा करते समय थाली में ऊं या फिर स्वास्तिक का चिह्न अवश्य बनाएं और उस पर महालक्ष्मी यंत्र रखें।

हम आशा करते हैं आपको वेद संसार द्वारा बताए गए यह हरियाली अमावस्या से जुड़ी बातें ज़रूर पसंद आई होगी। आप सभी को वेद संसार की पूरी टीम की ओर से हरियाली अमावस्या की हार्दिक शुभकामनाएं!